Monday, March 7, 2011

आज मैंने खुद को भी इंसान समझा !


आज मैंने खुद को भी इंसान समझा,
मुझे भी भूख लगी, प्यास लगी,
आज मुझे भी गर्मी लगी, ठंडी लगी,
मुझे नींद भी आई, सोया भी,
आज मैं हंसा भी, रोया भी,
आज मैं नाराज़ भी हुआ, माना भी,
आज पहली बार, खुद को चाहा भी !
मुझे भी एहसास हुआ, प्यार हुआ,
आज मैंने खुद को भी इंसान समझा !
अच्छा लगा, आज एक दोस्त और मिल गया !!!